**एक पत्र उन परिवारजनों के नाम, जिन्होंने अपनों को खोया है…**
पुलवामा हमले में शहीद हुए उन 40 वीर जवानों की स्मृति में, एक विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते है।
प्रिय परिवारजनों,
शब्द अक्सर छोटे पड़ जाते हैं, जब दर्द बहुत गहरा होता है। फिर भी आज यह पत्र लिखते हुए दिल बस यही कहना चाहता है कि आपका दुःख केवल आपका नहीं है, वह हम सबका है। आपने जिन अपनों को खोया है, वे केवल आपके परिवार का हिस्सा नहीं थे, वे इस देश की आत्मा का अंश थे।
हम उन वीर आत्माओं को नमन करते हैं, जिन्होंने अपने जीवन से हमें सुरक्षा, साहस और एकता का अर्थ समझाया। उनके त्याग ने हमें सिर ऊँचा करके जीना सिखाया है। हम आपके प्रति हृदय से कृतज्ञ हैं, क्योंकि आपने देश को वह अनमोल धरोहर दी, जिसकी कीमत शब्दों में नहीं आँकी जा सकती।
आपकी पीड़ा की कल्पना भी कठिन है, पर विश्वास मानिए हर भारतीय दिल से आपके साथ खड़ा है। आपकी आंखों के आँसू हमारी संवेदनाओं को और गहरा करते हैं। आपके अपनों की याद हमारे लिए केवल एक स्मृति नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है। देश के लिए सच्चाई, ईमानदारी और एकता से जीने की प्रेरणा।
हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि वह आपको इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें, आपके घर में धैर्य और साहस का दीप जलाए रखें। आपके अपनों का नाम सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा, और उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा।
आप अकेले नहीं हैं। इस देश की हर धड़कन में आपके अपनों की गूंज है, और हर दुआ में आपके लिए शक्ति, शांति और सम्मान की कामना है।
श्रद्धा, कृतज्ञता और सच्चे सम्मान सहित।🙏
आपकी एक कृतज्ञ नागरिक,
स्वीटी कुमारी ‘सहर’
