अधूरी मोहब्बत या पूरी ……?? वो अहसास वो ज़ज़्बात ,वो बात नज़रों की , बस एक नज़र में हुई ,मुलाकात नजरों की, देखते ही देखते , एक फ़साना बयाँ हो गया, कुछ कर ना पाए हम ,एक हसीन गुनाह हो गया, मेरी इबादत ,मेरी बन्दगी ,यार मेरा ख़ुदा हो गया, आबाद हुए ऐसे , कि […]
Category: Hindi Shayari
Intejar
Ha Aaj bhi tera intzaar krti hu Ha Aaj bhi sirf tujhse pyar krti hu Tu laut kar aayega isi umeed me jeeti hu, Har raat teri yaadon ke sahare soti hu, Log kehte hain bhool ja use, par kaise kahu, Main to har saans bhi tere naam ka leti hu..
वतन की शान
नाम – चन्दन नाविक ‘विनम्र’ विषय – प्रेम (खुली कविता) वतन से प्रेम करते हैं वतन पर जाँ लुटाते हैं, फँसोगे उनके चंगुल में तो तुम किसको पुकारोगे, कफ़न सर पर जो अपने बाँध कर घर से निकलते हैं, वतन पर मर मिटे हैं जो तुम उनको क्या ही मारोगे, हम उनकी ख़ुशियाँ उनसे छीन […]
वैलेंटाइन डे प्रतियोगिता 2026
विषय : प्रेम ( शायरी ) तुझे सोचू में ख्याल अच्छा है, देख के ही नींद उड़ गयी,ये बवाल कैसा है… खोली है जो तूने जुल्फें अपनी, चारों तरफ ये इत्र की, सुगंध क्या है… अभी-अभी जो तुम हॅसे हो, तुम्हारी हसीं से, ये रुहानी मौसम कैसा है… भंवरे भी तुम्हे छूना चाहते है, ये […]
प्रतियोगिता दिल से दिल तक देखा चेहरा उसका
*टॉपिक* :- देखा चेहरा उसका प्रतियोगिता : *दिल से दिल तक* दिनाँक :- 29.09.2025 देखा चेहरा उसका तो दिन कुछ निकल जाने लगा, हर बात पर वो दिल जो उसका पिघल जाने लगा। (१) गुस्से में थोड़ी ज़्यादा ही वो नकचिढ़ी लगने लगी, बातों ही बातों मुँह फूला इश्क़ फ़िसल जाने लगा। (२) -“चंद सिफ़ारिशों […]
🌹इश्क़-ए-ख़ुदा🌹
प्रतियोगिता- दिल से दिल तक। शीर्षक-🌹इश्क़-ए-खुदा🌹 उसकी आंखे – समंदर सी गहरी मोहब्बत की कहानी है , नजरों से मिले नजर मचलती जवानी है । नीलकमल से कंटीले नैनो की बात है , लबों से माथे का चूमना सुकू जन्नत-सा है ।। उसके होंठ – नाज़ुक लबों की उपमा ,कमल की पंखुड़ी है , लबों […]
प्रतियोगिता : दिल से दिल तक
प्रतियोगिता : दिल से दिल तक ग़ालिब ” कोई महल नहीं.. टूटा-फूटा घर हो चाहे… ग़ालिब ! तस्वीर मेरी चाहे गन्दी हो, पर पल्लू से पोंछे जो, वो बस वो हो… ग़ालिब !! इत्मीनान से रख लूंगा मैं भी, जो व्रत उसका हो, चाहे जो हो… ग़ालिब ! मैं कई दिनों तक भूखा रह लूंगा, […]
जाम ए इश्क – प्रतियोगिता: दिल से दिल तक
प्रतियोगिता:दिल से दिल तक *जाम-ए-इश्क़* चलिए…. इस शब-ए-विसाल को ताबीर दें, हर अहद-ए-वफ़ा को नई तस्वीर दें। बहुत हो चुका हिज्र का ये लम्बा सफ़र, बस अब लम्हा-ए-दीदार की तकबीर दें। लबों पे आज मेरा नाम-ए-इश्क़ ही रहे, नज़र में बस तेरी जाम-ए-इश्क़ ही रहे। ये रात, ये बात, ये वक्त की हरकते गवाह हैं, […]
हुस्न
हुस्न की तारीफ़ में, न जाने कितनी ग़ज़लों को नाम मिला… लब-ओ-रुख़सार से, नज़्म-ए-जमाल का पैग़ाम मिला… पर्दे में रख्खा उन्हें… मगर रज़ कहाँ रज़ रहा… हर कोचे-कोचे में… उनके जल्वा-ए-गुलफ़ाम मिला… वो दिखती हैं क़यामत… या क़यामत ढलती है उनसे… दीदार-ए-नाज़नीं से… आफ़ताब-ए-गुलिस्ताँ मिला… सौदा-ए-दिल में… आशिक़ नियाज़ बे-ख़ुद-ओ-मस्त हुआ… साक़ी-ए-निगाह से… हर दम […]
ज्योत: परिवर्तन का प्रतीक
ज्योत: परिवर्तन का प्रतीक अँधेरों में जब राहें गुम हो जाती हैं, तो एक छोटी-सी ज्योत भी दिशा दिखा जाती है। यह सिर्फ़ रोशनी नहीं, आशा की किरण है, जो कहती है— हर अंधकार का अंत निश्चित है। ज्योत जलती है तो स्वयं को मिटाती है, पर अपने चारों ओर उजियारा फैलाती है। सिखाती है— […]
