वेलेंटाइन डे लेखन प्रतियोगिता 2026
विषय :- “प्रेम”
ढाई अक्षर का यह विषय अपने आप में मुक़म्मल एक क़िताब है,
जिसपे लिखना बड़े ही गर्व और सौभाग्य की बात है।
इस वेलेंटाइन प्रतियोगिता का विषय प्रेम जिसपे लिखे मैंने अल्फ़ाज़ हैं,
तो प्रस्तुत है मेरी आज की कविता जिसे दी मैंने अपनी आवाज़ है।
प्रेम वो ख़ूबसूरत एहसास है जिसकी ऊर्जा में बह रही सारी कायनात है,
प्रेम हर प्राणी अपने भीतर लेकर पैदा होता है जो सबसे प्यारी सौग़ात है।
प्रेम यदि जीवन में ना हो तो जीवन निरर्थक निराश व हताश है,
एक बच्चे के लिए वात्सल्य का महत्व अपने आपमें ख़ास है।
प्रेम की परिभाषा सिखाना या समझाना एक कठिन सा प्रयास है,
क्योंकि ये हर प्राणी में ईश्वरीय वरदान के रूप में विद्यमान साक्षात है।
प्रेम करुणा है, प्रेम सहानुभूति है, प्रेम दया है और विश्वास है,
प्रेम वो अखंड ज्योति है जिससे जीवन में बढ़ता प्रकाश है।
प्रेम जीवन का आधार है प्रेम ज़रूरी है प्रेम समर्पण है प्रेम त्याग है,
प्रेम रिश्तों में भरता मिठास है प्रेम का एहसास अपने आपमें बेहिसाब है।
प्रेम दिलों को जोड़ता है प्रेम करता नहीं कभी आघात है,
प्रेम ने सीखा नहीं नफ़रत करना प्रेम ने की खुशियों की बरसात है।
प्रेम वो सकारात्मक विचारों का आभास है जो हमें बनाता नायाब है,
प्रेम नदी की धारा है प्रेम हवा का झौंका है प्रेम अपने आपमें बिंदास है।
एक दूसरे को हासिल कर लेना ही प्रेम नहीं ये तो रूहानी एहसास है,
राधा और श्री कृष्ण का प्रेम आज भी अमर है और बिल्कुल पाक है।
सच्चे प्रेम की सबसे पहले ख़ुद से ही होती शुरुआत है,
वही हृदय प्रेम बाॅंट सकता है जो ख़ुद से प्यार करता आप है।
अमर हो गया प्रेम वह भारतमाता की मिट्टी में जो सो गया जांबाज़ है,
नमन है उन सब वीरों को स्वदेश प्रेम की जिनके भीतर आग है।
स्वरचित ✍️
ममता शर्मा।
