प्रेम

प्रतियोगिता – वेलेंटाइन डे लेखन प्रतियोगिता 2026
विषय – प्रेम

बदल गया दौर प्रेम के तो मायने भी बदले
दिल वाले रिश्ते जिस्म की तरफ़ लगे बढ़ने
वेलेंटाइन वीक तक ही प्रेम सिमट रह गया
प्रेम को लोग वासना की नज़र से लगे देखने

प्रेमिका छोड़ो घर परिवार में भी प्रेम ना रहा
भाई ही बना दुश्मन बाप वृद्धाश्रम में रो रहा
जिस देश में लोग प्रेम की पूजा किया करते
आज वही प्रेम ना कहीं देखने को मिल रहा

इस दौर में ही एक लड़की से दिल मेरा लगा
उससे मिल के मैने जाना प्रेम कभी नहीं मरा
थी दूरी मीलों की पर दिल बेहद ही करीब थे
उनके लहज़े में था शहद चेहरे में था नूर बड़ा

ओम को शिवोम कमतर को बेहतर था बनाया
उस लड़की ने मुझे जिंदगी का मक़सद बताया
उसके प्रेम ने मेरे अंदर के “मैं”को नष्ट कर दिया
मैं साहित्य के लिए बना हूं उसी ने था समझाया

हमारे प्रेम को हमारी ही जैसे नज़र लग गई यारों
खुशियों के बाद विरह का भी एक दौर था आया
उससे जब मैं बिछड़ा उसे अपने और पास पाया
तभी मैंने प्रेम के वास्तविक रूप को जाना यारों

एक गुजारिश हैं आप सभी से आप जरूर मानना
प्रेम करना तो शिद्दत से कभी उसमें छल न करना
अगर सच्चे हृदय से आपने प्रेम किया तो वादा हैं
आप जी दिखेगी राधा और मिलेंगे कृष्ण कन्हैया

✍️ ✍️ शिवोम उपाध्याय
🌟🌟 अल्फ़ाज़ ए सुकून 🌟 🌟

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