वैलंटाइंस डे लेखन प्रतियोगिता 2026
विषय: प्रेम
प्रेम की रूहानी दस्तक
प्रेम हृदय का वो अनुभव है, जो जीवन को महकाता है,
जैसे कोई बाद-ए-सबा चुपके से गुज़र जाता है।
ये सिर्फ शब्दों का मेल नहीं, रूहों का एक राब्ता है,
दो अंजान मुसाफिरों के बीच, सदियों पुराना वास्ता है।
जब नज़रों से नज़रे मिलती हैं, तो एक अफ़साना बनता है,
दिल के वीराने आंगन में, ख़्वाबों का आशियाना सजता है।
किसी की एक मुस्कुराहट में, सारी कायनात सिमट आती है,
उनकी यादों की खुशबू से, हर एक सांस महक जाती है।
कभी ये हिज्र की आग है, तो कभी वस्ल की रात,
बिन कहे सब समझ लेना ही है, सबसे बड़ी बात।
इसमें इबादत का सुकून है और समर्पण का भाव है,
जैसे तपती धूप के बीच, घनी जुल्फ़ों की छाँव है।
प्रेम में कोई शर्त नहीं, बस बेपनाह ऐतबार होता है,
बिना किसी स्वार्थ के, ये इश्क़ बेमिसाल होता है।
कोई इसे दीवानगी कहे, कोई कहे इसे रूह का सुकून,
यही वो जज्बा है, जो रगों में दौड़ता है बनके खून।
मंज़िल की चाहत नहीं, ये तो ख़ुद में एक सफ़र है,
दुखों के इस समंदर में, प्रेम ही बस एक बसर है।
चाहे कितनी भी मुश्किल हो, ये उम्मीद जगाता है,
इंसान को इंसान से जोड़ना, बस प्रेम ही सिखाता है।
प्रेम की इस शमा को, तुम दिल में सदा जलाए रखना,
दुनिया की इस भीड़ में, अपनी मासूमियत बचाए रखना।
क्योंकि अंत में न दौलत रहेगी, न ये शान-ओ-शौकत काम आएगी,
सिर्फ बांटी हुई ये उल्फ़त ही, तुम्हारी पहचान कहलाएगी।
आशुतोष राजौरिया
लखनऊ
