एक हादसा थे सारे टूटे

विषय – एक हादसा थे सारे टूटे

हुआ एक दर्दनाक हादसा देश के जवानों पर
बहा खून उनका जो मरते थे देश की मिट्टी पर
उनकी शहादत में उन्हें तिरंगा तो नसीब हुआ
क्या बीती होगी जरा सोचो उनके परिवारों पर

ख़बर सुनते ही सबका कलेजा फट गया होगा
माई का आंचल और बाप का कंधा टूटा होगा
रोया होगा सारा गांव घर का कोना रोया होगा
बिन भाई के बहना सोचे राखी का क्या होगा

ना महावर छूटी न अभी मेंहदी का रंग था छूटा
क्या कसूर था वीरवधू का जिसका सुहाग लुटा
समाज के तानो से हो परेशान वो सिसकती रही
उसके अंदर का शोर भला कहा किसको दिखा

बैठ दुवारे पर बूढ़ी आँखें आज भी रास्ता तकती
हर एक चिट्ठी उनको अपने वीर सपूत की लगती
उसके जन्मदिन पर वो खूब पकवान भी हैं बनाती
ना पास देख बेटे को अपनी फूटी किस्मत पे रोती

उस काले दिन पर आतंकिस्तान ने था जश्न मनाया
भारत के हर घर में पसरा सन्नाटा अंधेरा था छाया
देश के दर्द को समझा था हमारी देश की सरकार ने
सर्जिकल स्ट्राइक करके था देश ने दम था दिखाया

फ़र्क दिखाया जवानों ने जो केवल आतंकी थे मारे
थी पूरी सेना फिर भी आतंकी पर बरसे थे रखवाले
पुलवामा में शहीद जवानों की जगह ना भरती कभी
पर एक संदेश दिया कि हम हैं घर में घुस मारने वाले

✍️ ✍️ शिवोम उपाध्याय

@⁨Prashant Kumar Shah⁩ @⁨Syed Niaz⁩ @⁨~Vineeta Panchal⁩ @⁨~Surbhi⁩ @⁨~Ruchika Garg⁩ @⁨~Poonam atrey⁩ @⁨~Parul Yadav⁩ @⁨~mayank rav⁩ @⁨~Sweety Kumari⁩ @⁨~Khastriya Swati Singh⁩ @⁨~labj ke do shabd 🖊️⁩ @⁨~꧁༺ Ⓡ Ⓞ Ⓒ Ⓚ Ⓨ ✪ Ⓑ Ⓗ Ⓐ Ⓘ ༻꧂⁩ @⁨~Kabir pankaj⁩ @⁨~Mamta Sharma⁩

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *