Category: Hindi kavita

शब्दों की ताकत: कलम से आवाज़ तक

कविता प्रतियोगिता: शब्दों की ताकत ( कलम से आवाज़ तक) शीर्षक: कलम और तलवार कलम तलवार से अधिक शक्तिशाली है, इसकी लेखनी की छवि जग में सबसे निराली है। करती है जो शब्दों के प्रहार तलवार से भी तेज होती है इसकी लिखावट की धार। कभी भी कम ना आंकना इसकी महानता शब्दों के माध्यम […]

कलम बनाम तलवार

कलम बनाम तलवार कि तुम बना दोगे गर मुझे अपना दुश्मन टूट कर बिखर जायेंगे तुम्हारे तमाम ख्वाब विजयी पताका लहराने के खातिर हरदम खेल डाली मैने खून की होली हजारों साल। अतीत के पन्नों को आओ पलटें फिर इक दफा पृथ्वीराज का शौर्य किसी शेर की भांति गरजा था हाथों में तलवार लिए वीर […]

कलम बनाम तलवार

कलम बनाम तलवार तलवार कहती है – मैं लहू से इतिहास लिखती हूँ, मेरे वार से साम्राज्य झुकते हैं, सत्ता मेरे साये में पलती है, मेरी धार से डरकर ही राजनैतिक सच मुखर होते हैं। कलम मुस्कुराकर कहती है – तेरे वार से सिर झुक सकते हैं, दिल नहीं… मैं जख़्म नहीं देती, बल्कि मरहम […]

तलवार बनाम कलम

प्रतियोगिता – शब्दों की ताक़त (कलम से आवाज़ तक) प्रथम चरण विषय – कलम बनाम तलवार सुनो कलम मैं तलवार हूं तुमसे तेज चलती हूं योद्धा के हाथ में जाते ही रक्त भी बिखेरती हूं लक्ष्मीबाई ने मुझको अपना साथी था बनाया सदियों से ही मैं तो वीरों के पास ही रहती हूं कितनी शौर्यगाथा […]

मेहनत ( पर्दे के पीछे(

प्रतियोगिता – शब्दों की अमृतवाणी फाइनल राउंड विषय – मेहनत (पर्दे के पीछे) जो इंसान मेहनत की रोटी कमाता खाता हैं असल मायने में जिंदगी जीना वही जानता सुकून हैं कितना मेहनत से कम कर खाने में मेहनत वालों का ही तो नसीब भी बदलता हैं मेहनत कर जिंदगी बनाता हैं पिता बच्चों की उन्हीं […]

मैं हूं भारतीय मजदूर

चलो आज भारत की अर्थव्यवस्था दिखाता हूं, अपने आप से आप सब को रूबरू करवाता हूं। मैं देखता हूं दुर्दशा अपनों की भी अपने आसपास, क्या कहूं पैसा भगवान है जिससे मैं हार जाता हूं। अपने देश की तरक्की की धुरी मैं मजदूर भी हूं, देखता हूं मुफलिसी अपनी पर बोल नहीं पाता हूं। सरकारी […]

संघर्ष से संकल्प तक

प्रतियोगिता : शब्दों की अमृतवाणी कविता : संघर्ष से संकल्प तक रचयिता : सुनील मौर्या चरण : फाइनल आधारित. : चलचित्र परिचय : ज़िंदगी की असली ताक़त दौलत या शरीर में नहीं, बल्कि उस जज़्बे में है जो हर हालात को जीत में बदल देता है। यही जज़्बा है — संघर्ष से संकल्प तक.. संघर्ष […]

” मेरा गांव मेरा छांव “

प्रतियोगिता- (शब्दों की अमृतवाणी ) विषय – ” मेरा गांव मेरा छांव ” सुन ओ मेरे चंदा मामा आज पहना दो हमें बचपन का जामा हम लौटना चाहते हैं उन्हीं हुड़दंग गलियों में जहां कृत्रिम शोर नहीं प्रकृति का बसता है समां ।। ओह ! छत पर भाई-बहनों के संग चंदा तुझे निहारना फिर अचानक […]

“मेहनत तुम दो फल हम देंगे “

प्रतियोगिता शब्दों की अमृतवाणी विषय – मेहनत तुम दो फल हम देंगे ( ज़िंदगी कह रही ) मेहनत तुम दो फल हम देंगे आगे पीछे की चिंता तुम नहीं हम करेंगे ज़िंदगी कह रही है इंसान तू कर्म तो कर हम और इससे ज़्यादा तुमसे क्या कहेंगे !! अब नहीं सीखा तो कब सीखोगे ? […]

मेहनत और किस्मत

प्रतियोगिता – शब्दों की अमृतवाणी विषय – मेहनत और किस्मत जिम्मेदारी सर पर थी, पर शिकन माथे पे नहीं थी, मजदूर था मजबूरी में, ज़माने की गालियां सही थी, आँखों में उसकी चिंता के, आँसू झलक रहे थे, पेट में दौड़ते चूहें, एक निवाले को तरस रहे थे, सूरज तेज़ बरसा के,उसके धैर्य को परख […]