Kavita pratiyogita

❣️वेलेंटाइन डे लेखन प्रतियोगिता ✍🏻२०२६
विषय:” प्रेम”  (एक अनमोल एहसास )

जो कुछ भी मेरा  है वो अब प्रेयस के लिए बनता है समर्पण,
प्रेम की अनुभूति ही होती उनके लिए साक्षात् स्वयं दर्पण।

कभी राधा संग मोहन की बांसुरी पर मोहक सबको भावे
भांति _ भांति के रूपों में अनमोल छवियां दर्शाता है ।
प्रेम अजर अमर बनकर सभी को कितना हर्षाए ।

प्रेम ,प्यार, मोहब्बत,इश्क ,स्नेह सभी नामों से दुनिया भर में जाना जाता ।
एक असीम भावना से जग में सभी को लुभाता है।

निर्मल , सहृदय कोमल , निश्चल सभी भावों को दर्शाता
सबसे प्यारा सबसे सुंदर प्यारा इसका  नाता ।

प्रेम रस के मधुर सौंदर्य का कैसे करूं गुणगान
इसी रस पर रचते थे काव्य महान कवि रसखान |
भक्ति और सौंदर्य का अनूठा संगम दर्शाया गया
काव्य की हर विधा जिनमें दोहे , पदावलियों को भी लिखा
कर जस पाया गया ।

प्रेम के एहसास को छुपाया नहीं जा सकता
इसके समान भाव को दबाया नहीं जा सकता ।

प्रीत ऐसी लगी थी निराली कृष्ण संग
जो मीरा पी गई विष की प्याली ।
मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरा न कोई
एक ही धुन में मग्न थी वो मीरा बाई ।

आधुनिकता में प्रेम को अनेक पैमानों से आंका गया
कभी महंगे उपहारों तो कभी अनेक शर्तों से माना जाता ।
गर प्रेम तो वो अनमोल भाव है,जिसका होता दिल से दिल तक गहराई भरा नाता ।

माना की इसको दर्शाने के होते अनेक माध्यम
चूड़ी ,बिंदिया और सिंदूर से भी चमक उठती एक सुहागन
इन श्रृंगार के तोहफों से अपनी प्रेयसी को लुभाया जाए
क्यों न इस वेलेंटाइन डे और महाशिवरात्रि पर ये अनमोल पल उसे भेंट किए जाए ।

विवाह के आगमन की खुशी की शुरुआत लाता है प्यार
दो अनजाने रिश्तों के साथ _साथ दो परिवारों का मिलन करवाता है ।
ये प्रेम का रस है ही इतना अनमोल जो
सभी को बंधन में बांधकर कितना नवीन आचरण और परिवर्तन दिखलाता है।

स्वाति सोनी ✍🏻

Updated: February 12, 2026 — 6:45 pm

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