प्रतियोगिया *दिल से दिल तक*~ टॉपिक : *मेरी अनमोल मोहब्बत*~ नाम लूं उसका तो जन्नत नज़र आती है , उसकी खुशुबू जैसे हवाओं में बिखर जाती है , नहीं देखा था मैंने उस खुदा को कभी , मगर मोहब्बत उसकी मुझे सज़दा सिखाती है । यूँ रोज रोज मिलने की मन्नत करता था वो , […]
निशा और मयंक का मिलन
देखो उठा है आज , मयंक अंगड़ाइयां लेते हुए फिर, तुम्हे इल्म हो , हर रात निशा उससे मिलने आती है। उसके महबूब के आने की घड़ियां बहुत नजदीक हैं, लालिमा युक्त आदित्य की , प्यारी किरणें बताती हैं। उसके आगमन पर उसके पायलों की झंकार कुछ यूं, जैसे किसी मधुबन में कोई सुंदरी मधुर […]
प्रेम रतन धन
प्रतियोगिता – दिल से दिल तक विषय – ” प्रेम रतन धन ” अंतिम सांस ले रही थी एक फूल कि अचानक महका कोई हवाओं में गुल धड़क उठा सीने में फिर एक दिल आहट हुई आप हर हाल में हो हमें क़ुबूल ।। कर ना पाएं उन हवाओं से किनारा हो ना पाया उसके […]
#दिल से दिल तक
प्रतियोगिता – दिल से दिल तक विषय – मुकद्दर तेरा मेरा ज़िन्दगी की राह में, चलते चलते मुलाक़ात हुई , एक जुंबिश थी तुममें ,आँखों आँखों मे बात हुई, हाथ थामकर हम चले ,फिर ज़िन्दगी की राहों में, एक सुक़ून पाया था ,आकर हमनें तेरी बाहों में, गुज़रतें रहे दिन यूँ ही प्यार भरी चुहलबाजी […]
शाह की धड़कन
*शाह की धड़कन* देखता हूँ रोज़ उन्हें, उन्हें भी खबर है, मेरी मोहब्बत से कौन अब बेखबर है दिल हार बैठा मैं, बस एक ही बार में, क़ुबूल है , मैं डूबा हूँ उसके प्यार में। आँखें उनकी समंदर, अदाएं हैं मोती, रूप से अनोखी, गुणों में है ख़ूबसूरती। वो महज़ लड़की नहीं, मेरी पहचान […]
एक ख़्वाब
*नमन अल्फ़ाज़ a सुकून मंच* 🤗🙏🏻🌸 *प्रतियोगिता – दिल से दिल तक* *टॉपिक – एक ख़्वाब* स्वरचित रचना – शारदा ठाकुर बिहार ✍️ एक ख़्वाब सा था जो अब टूट गया है _ किसी का हाथ था हाथों में, अब वो छूट गया है_। अब उन ख्वाबों का कोई मतलब न रहा __ दिल में […]
दिल से दिल तक
सीरीज 1 प्रतियोगिता ————————— प्रतियोगिता का नाम : दिल से दिल तक कविता शीर्षक : प्रेम का उजाला राउंड : एकल रचयिता : सुनील मौर्या प्रेम का उजाला ——————- तेरी मुस्कान से शुरू होती है मेरी हर सुबह, तेरे संग दिल खिल उठता है गुलाब की तरह। तेरे पास होने से महक जाती हैं मेरी […]
दिल से दिल तक
प्रतियोगिता-“दिल से दिल तक ” ***शिकायत*** तुम मेरे सामने यूं न आया करो। धड़कनो को मेरी न बढ़ाया करो। छुपके मिलना मिलाना तो ठीक है पर, यूं सरेआम मिलने न आया करो। सबके सामने तुम यूं न देखा करो। लोग बाते करेंगे ये सोचा करो। लाज़ आती है मुझको ये समझो जरा, बीच राह मे […]
सब याद है मुझे
*प्रतियोगिता: दिल से दिल तक* *विषय: सब याद है मुझे* उसकी वो आँखें, वो आँखों का काजल, *सब याद है मुझे ।* उसके कानों की बाली, और उसके रेशमी बाल, *सब याद है मुझे ।* उसके कंगन और उसके होठों की लाली, *सब याद है मुझे ।* उसका गुस्सा और मुझे बोलने वाली […]
दिल का रिश्ता
Topic-” दिल का रिश्ता ” सीरीज:वन प्रतियोगिता: सकरात्मक प्रेम ………………………. प्रेम को मैंने तब जाना जब, मिला मुझे तुमसे पहला तराना, वो पहली नजर जिसने मुझे, किया तेरा दिवाना… हर दिन नया सपना सा लगे, तू मुझे कुछ अपना सा लगे, पहली बारिश की बूँदों जैसा, उठती मिट्टी की महक के जैसा, जब जब तुझको […]
