Tag: प्रेम केवल एक दिन का जश्न नहीं

शोर से परे प्रेम

प्रेम केवल तुम्हारा हाथ थाम लेना नहीं, यह अकेले में खुद को संभाल लेना भी है। प्रेम केवल मुस्कानों का उत्सव नहीं, यह भीगती पलकों का धैर्य भी है। कभी यह धूप बनकर कंधों पर उतरता है, कभी सर्द रातों सा चुपचाप ठहरता है। प्रेम प्रतीक्षा की लंबी सीढ़ियाँ चढ़ता है, और हर पायदान पर […]