अपनी डफली, अपना राग, अपना ही सबका बजता साज। देख के सब अपनों को लगता, अपनी भी परिवार है खुशहाल। पर झूठी निकली सारी बात, किसे कहें और किसे बताएं। ये सब तो है एक नकली ढाल, जहां नहीं कोई अपना पर करते अपनी बात। अपने ही घर में अजनबी से हम, किसे कहें हम […]
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अज़नबी अपने ही घर मे
अजनबी अपने ही घर में अजनबी अपने ही घर में हो गए अपने नाजाने किस दुनिया में खो गए…… इंटरनेट ने सभी को एक तरफा कर दिया ,घर घर की कहानी में सब को आइना दिखा दिया….. हर कोई फोन का दिवाना बना दिया रीयल को छोड़ कर, “बनावटी” को सच्चाई मान लिया..… वियोज व […]
अजनबी अपने ही घर में
टॉपिक:- “अजनबी अपने ही घर में ” मैं अपने ही घर में अजनबी हूँ, जहां प्यार और स्नेह होना चाहिए था। अनजान चेहरों के बीच, मैं खुद को खोया हुआ पाती हूँ। दरवाजे खुले हैं, पर दिल बंद हैं, संवादहीनता की दीवारें हैं। प्यार की जगह, अब दूरियां हैं, और मैं अजनबी हूँ, अपने ही […]
अजनबी अपने ही घर में
*अज़नबी अपने ही घर में*~ कभी किसी मुकाम पर हम अज़नबी अपने ही घर मे बन जाते है , कुछ रिश्ते बहुत पास होकर भी दूर होने का अहसास कराते है , चलती रहती है ज़िंदगी हमारी इनके एहसान तले , चाह कर भी हम ऐसे बंधनो से कभी नही छूट पाते है । बचपन […]
