अधूरी मोहबबत

प्रतियोगिता:- story to Poetry

विषय :- अधूरी… फिर भी पूरी”

भीड़ में एक चेहरा था,
जैसे शोर में कोई सुकून,
आँखों ने जो कहा चुपके से,
दिल ने मान लिया वो जुनून।

न किताबों में लिखा था,
न किस्मत ने पहले बताया,
कैसे दो अजनबी दिलों ने
एक ही सपना सजाया।

वो चाय की आधी प्याली,
और बातें पूरी रात,
छोटी-छोटी हँसी में छुपा
मोहब्बत का हर जज़्बात।

फिर एक दिन वक्त ने पूछा,
क्या सच में साथ निभाओगे?
या हालातों के डर से तुम
खुद ही बिखर जाओगे?

झूठे लफ्ज़ों की आँधी आई,
और यकीन का घर टूट गया,
ना उसने कुछ सच जाना,
ना इसने कुछ पूछ लिया।

दूरी ने फिर सिखा दिया,
प्यार सिर्फ पास होना नहीं,
जो दिल में जिंदा रहता है,
वो कभी खोना नहीं।

कहानी अधूरी लगती है,
पर सच में पूरी होती है,
क्योंकि हर सच्ची मोहब्बत…
बिछड़कर भी पूरी होती है।

जैसे फूलों की सुगंध महसूस होती है..
©® Malwinder Kaur✍️

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