Kavita pratiyogita

प्रतियोगिता:   ( कहानी )मोहब्बत अधूरी  या पूरी :
विषय : कविता
शीर्षक : प्रेम की परीक्षा

प्रेम समर्पण और त्याग सिखलाता है
जीवन में अनगिनत चुनौतियों को
पार करने की राह दिखलाता है।

यूं ही थोड़ी हौंसला और हिम्मत
  जागृत होता होगा प्रेमियों का
हजारों मुश्किलों को तारने के बाद
आगे बढ़ना बतलाता है ।

लाखों शत्रु खड़े होते हैं उनके समक्ष
फ़िर भी अपने प्रेम की खातिर
न जाने कितने ही कमाल कर
जाते हैं,अपने प्रेम को पाने के खातिर
दरिया में भी गोता मार जाते हैं।

ये कहानी उन दोनों के मिलाप में अड़चनों को
दर्शाती है, प्रेम में हार न मानना कभी
इसी अनोखे साज़ को सिखलाती है।

परिवार ही बन जाता है शत्रु अपनी संतानों का
जब बात प्रेम प्रसंगों की बतलाई जाती है ।
कितनी भी कोशिशें कर डाली हो उन्होंने
अंततः जुदाई की घड़ी ही क्यों दिखाई जाती है।

कॉलेज का वो प्यार अधूरा बनकर ही रह गया
मिलन की थी आरज़ू उनसे , गर बनकर सपना ही वो खो सा गया ।

लाख जतन किए होंगे ,कितनी मनुहार लगाई होगी
प्रेम प्रसंग को परिवारों ने सहज कभी नहीं स्वीकारा ।
प्रेम करना कोई पाप नहीं होता ,लेकिन इस समाज में
इससे बड़ा कोई अभिशाप नहीं होता ।

हजारों किस्से आएंगे ऐसे ही और
अपनी अमिट छाप
सभी के दिलों पर छोड़ते ही चले जाएंगे ।
उम्मीद है की प्रेमियों के मिलन को सहजता से
स्वीकार कर एक नवीन समाज में नव उत्थान की
नव भावना लेकर आएंगे ।

स्वाति सोनी ✍🏻

Updated: April 20, 2026 — 12:38 pm

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