विषय- कलम की धार, तलवार से तेज जो आवाज़ नहीं उठा सकते, उनकी कलम गुंजती हैं। जो चुप रहते है… उनकी कलम सशक्त हो जाती हैं। जो हिंसा नहीं करते, उनकी कलम ही क्रांति लाती हैं। अन्याय के अंधरो मे… सच्चाई की लौ जलाती हैं। इसलिए कलम की धार, तलवार से तेज कहलाती हैं…। इस […]
कलम की धार तलवार से तेज
कलम की धार तलवार से तेज है, आज के दौर में यह बात और भी स्पष्ट है। सोशल मीडिया पर कलम की शक्ति, लोगों के विचारों को बदल देती है। कलम से लिखे शब्दों का प्रभाव, तलवार की धार से कहीं अधिक है। यह न केवल विचारों को फैलाती है, बल्कि समाज को भी बदलने […]
कलम की धार तलवार से तेज
विषय – कलम की धार, तलवार से तेज शब्दों का है खेल यहाँ विचारों का है जाल, तलवार से भी पैनी होती है कलम की धार। तलवार बड़ी-सी करती है देह पर गहरे घाव, छोटी सी कलम पक्के करती मानवता के पाव। कहते हैं “कलम की धार, तलवार से तेज” होती है, बिना किसी डर […]
कलम की धार तलवार से तेज
आज मुकम्मल हो गए उनके लिए लिखे सारे अल्फ़ाज़, उनकी रहमत हुई है जो वो चले आए पढ़ने मेरे जज्बात, इस आशिक की शायरी मोहताज थी उनके एक दीद की, उनकी इनायत वो चले आए बरसी खुशीयों की सौगात। सुनो यारा मेरी ये कलम हमेशा ही करेगी तेरा धन्यवाद, तुम्हे जो समर्पित न हों मेरे […]
कलम की धार,तलवार से तेज
विषय – कलम की धार, तलवार से तेज जब आवाज हिला सके न सत्ता को , न हाथियार काम ही आते हैं, तो तू लिख के ऐसा फरमान भेज, रख कलम की धार , तलवार से तेज…। तिलमिला उठे ये वादे झूठे, बातें करते रहे थे जो चिकनी चुपड़ी, है वक्त आ गया जवाब का […]
कलम की धार , तलवार से तेज
प्रतियोगिता ~बोलती कलम “कलम की धार, तलवार से तेज ~ कलम की धार बहुत तेज चलती है , सीधे दिल पर आकर रुकती है , हो जाता है इसका असर बहुत गहरा अंदर से झकझोर कर रख देती है । शब्द कम पड़ते है इसकी तारीफ में , इससे लिखे लफ़्ज़ उतरते है दिल में […]
कलम की जंग तलवार से तेज
प्रतियोगिता ~बोलती कलम “कलम की जंग तलवार से तेज ~ कलम की धार बहुत तेज चलती है , सीधे दिल पर आकर रुकती है , हो जाता है इसका असर बहुत गहरा अंदर से झकझोर कर रख देती है । शब्द कम पड़ते है इसकी तारीफ में , इससे लिखे लफ़्ज़ उतरते है दिल में […]
” कलम की धार तलवार से तेज़ “
प्रतियोगिता -बोलती कलम विषय – “कलम की धार, तलवार से तेज़ ” हां है कलम की धार, तलवार से तेज़ बड़ा तेज़ रहा है इसका हर किरदार लिखा है इसने तंज, प्रेम, वीर, विरह रस किया है हर पहलू का सदा साजो श्रृंगार ।। जब उठा लेता एक कलमकार कलम को तो बैठे बिठाए बदल […]
कलम की धार, तलवार से तेज़
कलम की धार, तलवार से तेज़ लिखने को लिख दूँ मैं पूरी कायनात, साथ कलम के चलें मेरे ही अपने जज़्बात। कलम की धार की बात ही निराली है, जब चले पन्नों पर, बनती एक कहानी है। दिल के शोर का हुंकार है कलम, अपनों के लिए एक पुकार है कलम। इसकी धार से तलवार […]
कलम की धार, तलवार से तेज
विचारों को स्याही और कलम को हथियार बनाया है, तक जाकर ज़िन्दगी का , एक सिरा हाथ आया है, लिखी है मेरी कलम ने खुशियां और दर्द भी लिखा है, झूठ को कुचल कर सच्चाई का हर हर्फ भी लिखा है, है कलम की धार, तलवार से तेज, सच को रख दे चीर के, करे […]
