Prem

प्रेम !! प्रेम त्याग हैं प्रेम राग हैं,, एक छोटी सी ख्वाहिश का अनुराग हैं!! कुछ सुनना हैं, कुछ सुनाना हैं!! बड़ी सी दुनिया में किसी के दिल में,, एक घर बनाना हैं!! मतलबी सी दुनिया में ,, बेमतलब किसी का बन जाना हैं!! एक सुर हैं उसके होने पर ,, कभी यादों में सरगम […]

प्रेम

वैलंटाइंस डे लेखन प्रतियोगिता 2026 विषय: प्रेम प्रेम की रूहानी दस्तक ​प्रेम हृदय का वो अनुभव है, जो जीवन को महकाता है, जैसे कोई बाद-ए-सबा चुपके से गुज़र जाता है। ये सिर्फ शब्दों का मेल नहीं, रूहों का एक राब्ता है, दो अंजान मुसाफिरों के बीच, सदियों पुराना वास्ता है। ​जब नज़रों से नज़रे मिलती […]

प्रेम

💖वैलेंटाइन डे लेखन प्रतियोगिता 2026💖 विषय: प्रेम प्रेम —- प्रेम कोई शब्द नहीं, जो होठों से उतर जाए, यह वो मौन है, जो दिल में ख़ुद ठहर जाए। प्रेम कोई ऐसा रंग नहीं, जो नज़र को भर दे, यह वो उजास है, जो अँधेरे में रोशनी कर दे। प्रेम को पाना नहीं, या किसी को […]

प्रेम

प्रतियोगिता – वेलेंटाइन डे लेखन प्रतियोगिता 2026 विषय – प्रेम बदल गया दौर प्रेम के तो मायने भी बदले दिल वाले रिश्ते जिस्म की तरफ़ लगे बढ़ने वेलेंटाइन वीक तक ही प्रेम सिमट रह गया प्रेम को लोग वासना की नज़र से लगे देखने प्रेमिका छोड़ो घर परिवार में भी प्रेम ना रहा भाई ही […]

प्रेम

प्रतियोगिता – वेलेंटाइन डे लेखन प्रतियोगिता 2026 विषय – प्रेम बदल गया दौर प्रेम के तो मायने भी बदले दिल वाले रिश्ते जिस्म की तरफ़ लगे बढ़ने वेलेंटाइन वीक तक ही प्रेम सिमट रह गया प्रेम को लोग वासना की नज़र से लगे देखने प्रेमिका छोड़ो घर परिवार में भी प्रेम ना रहा भाई ही […]

वतन की शान

नाम – चन्दन नाविक ‘विनम्र’ विषय – प्रेम (खुली कविता) वतन से प्रेम करते हैं वतन पर जाँ लुटाते हैं, फँसोगे उनके चंगुल में तो तुम किसको पुकारोगे, कफ़न सर पर जो अपने बाँध कर घर से निकलते हैं, वतन पर मर मिटे हैं जो तुम उनको क्या ही मारोगे, हम उनकी ख़ुशियाँ उनसे छीन […]

वैलेंटाइन डे प्रतियोगिता 2026

विषय : प्रेम ( शायरी ) तुझे सोचू में ख्याल अच्छा है, देख के ही नींद उड़ गयी,ये बवाल कैसा है… खोली है जो तूने जुल्फें अपनी, चारों तरफ ये इत्र की, सुगंध क्या है… अभी-अभी जो तुम हॅसे हो, तुम्हारी हसीं से, ये रुहानी मौसम कैसा है… भंवरे भी तुम्हे छूना चाहते है, ये […]

” प्रेम “

प्रतियोगिता – वैलेंटाइन डे लेखन प्रतियोगिता 2026 विषय – “प्रेम” एक छोटा सा ही हैं यह शब्द ” प्रेम ” मगर बड़ी विशाल आभा प्रस्तुत करती है ऐसा कोई प्राणी नहीं इस धरा पर जो इस प्रेम की करती नहीं स्तुति है ।। प्रेम एहसास है हमारे मन की मुस्कुराहट का प्रेम ख़ामोशी है हवाओं […]

प्यार या व्यपार

प्यार अब होने लगा व्यापार सा अब कहाँ रहता है कुछ भी प्यार सा।। इश्क़ गर हो जाए तो दिल में रखो दोस्तों में मत करो अख़बार सा।। कहने को दुनियाँ हमारी है सनम अब कहाँ कोई मगर गमख़्वार सा।। देख कर बच्चों की ख़ाली थालियाँ बाप कितना हो रहा लाचार सा । दुश्मनों की […]

प्रेम

आज की कविता का शीर्षक है प्रेम लेखक प्रोफेसर संदीप गुप्ता की ✒️ से प्रेम करो, प्रेम करो, मस्त मगन होकर के प्रेम करो। प्रेम बड़ा अनमोल है, जिसका न दुनिया में कोई मोल है। प्रेम से बड़ा न कोई शस्त्र है, जो जीता जीवन की हर जंग है। जिसमें होता न कोई स्वार्थ है, […]