सीरीज 1 प्रतियोगिता ————————— प्रतियोगिता का नाम : दिल से दिल तक कविता शीर्षक : प्रेम का उजाला राउंड : एकल रचयिता : सुनील मौर्या प्रेम का उजाला ——————- तेरी मुस्कान से शुरू होती है मेरी हर सुबह, तेरे संग दिल खिल उठता है गुलाब की तरह। तेरे पास होने से महक जाती हैं मेरी […]
दिल से दिल तक
प्रतियोगिता-“दिल से दिल तक ” ***शिकायत*** तुम मेरे सामने यूं न आया करो। धड़कनो को मेरी न बढ़ाया करो। छुपके मिलना मिलाना तो ठीक है पर, यूं सरेआम मिलने न आया करो। सबके सामने तुम यूं न देखा करो। लोग बाते करेंगे ये सोचा करो। लाज़ आती है मुझको ये समझो जरा, बीच राह मे […]
सब याद है मुझे
*प्रतियोगिता: दिल से दिल तक* *विषय: सब याद है मुझे* उसकी वो आँखें, वो आँखों का काजल, *सब याद है मुझे ।* उसके कानों की बाली, और उसके रेशमी बाल, *सब याद है मुझे ।* उसके कंगन और उसके होठों की लाली, *सब याद है मुझे ।* उसका गुस्सा और मुझे बोलने वाली […]
दिल का रिश्ता
Topic-” दिल का रिश्ता ” सीरीज:वन प्रतियोगिता: सकरात्मक प्रेम ………………………. प्रेम को मैंने तब जाना जब, मिला मुझे तुमसे पहला तराना, वो पहली नजर जिसने मुझे, किया तेरा दिवाना… हर दिन नया सपना सा लगे, तू मुझे कुछ अपना सा लगे, पहली बारिश की बूँदों जैसा, उठती मिट्टी की महक के जैसा, जब जब तुझको […]
सकारात्मक प्रेम
प्रतियोगिता – दिल से दिल तक विषय – सकारात्मक प्रेम प्रेम का नाम सुनते ही दिल में उमंग उठता हैं हर पहर मुझको बस एक ही चेहरा दिखता हैं जादुई उसकी आँखें, उसके सुर्ख होंठ हैं शिवोम करता जब श्रृंगार तब सनम मेरा संपूर्ण लगता हैं उसके साथ ही मैंने ज़िंदगी को भी खूब जिया […]
जाम ए इश्क – प्रतियोगिता: दिल से दिल तक
प्रतियोगिता:दिल से दिल तक *जाम-ए-इश्क़* चलिए…. इस शब-ए-विसाल को ताबीर दें, हर अहद-ए-वफ़ा को नई तस्वीर दें। बहुत हो चुका हिज्र का ये लम्बा सफ़र, बस अब लम्हा-ए-दीदार की तकबीर दें। लबों पे आज मेरा नाम-ए-इश्क़ ही रहे, नज़र में बस तेरी जाम-ए-इश्क़ ही रहे। ये रात, ये बात, ये वक्त की हरकते गवाह हैं, […]
इश्क़
प्रतियोगिता दिल से दिल तक इश्क़ न जुल्फों में मुझ को उलझाने की सोच ग़र इश्क़ है मुझ से निभाने की सोच न फ़िक्र कर किसी की न ज़माने की सोच सिर्फ़ मेरे करीब तू आने की सोच सुकून मेरी जिंदगी में लाने की सोच मेरे ज़ख्मों पे मरहम लगाने की सोच मुझ को अब […]
अनकहा एहसास
*अनकहा एहसास* गुलाबों सा दिल में बसाया था पर मुरझा गये हो तुम, बातों को हमेशा छुपाया पर समझ न पाये कभी तुम। मंदिरों में साथ दूर से ही मन्नत के धागे बांधे भी थे, एक होने के लिए दुआओं में साथ हमेशा खडे़ थे। मन के कोने में एक झलक तुम्हारी ही बसाई जो […]
Zindagi or tum
जिंदगी और तुम-प्रेम का अन्नत रूप क्या कहु तुम क्या हो मेरे लिए ! तुम धड़कन का संचार हो मेरे जीवन का अरमान हो जो ना बुझे वो प्यास हो तुम हर पल जगती आस हो तुम प्रेम हो , तुम पूजा हो तुम मेरे लिए कोई देवता महान हो .. क्या कहु तुम क्या […]
तेरे साथ
तेरा साथ तेरी धड़कनों से जुड़ी है मेरी हर सांस, तेरी हँसी से खिल उठता है मेरा जहाँ खास। तेरी आँखों की चमक है मेरी रौशनी, तेरे ख्यालों से ही मिलती है ज़िन्दगी। तेरी बातों में छुपा है सुकून का जहाँ, तेरे संग हर लम्हा है इक ख़ूबसूरत दास्तां। तेरी मौजूदगी से महकते हैं सारे […]
