शीर्षक: दूरी का मुकम्मल होना ————————————— भीड़ के शोर में अक्सर एक खामोशी पुकारती है, किसी अजनबी की आँखों में अपनी दुनिया निहारती है। ना इरादों ने जन्म लिया, ना लफ़्ज़ों ने कुछ कहा, बस कुछ लम्हों की नर्मी ने दो दिलों को जोड़ दिया। चाय की भाप में घुलती बातें, बारिश में ठहरते साये, […]
